सपनो में आया करो


सपना.jpg

रंग फीके पड़ गए हैं ज़िन्दगी के,
ऐसे न रुलाया करो,
साल में एक बार आता है
सावन का महीना,
इतना मत सताया करो,
माना हम अब हैं नही साथ,
कम से कम सपनो में तो आया करो,

हम तुम.jpg

तुम्हारी आवाज़ में सब बातें अच्छी लगती हैं,
मैं लिखूँ, तुम्हारे लिए
और तुम गुनगुनाया करो,
साथ जब बैठे हो हम,कुछ भी बोलो,
पर उस कंगन को इतना मत घुमाया करो,
ये आँखे कुछ कहना चाहती हैं,
लबों पर पहरा न लगाया करो,
लगता है,तुम्हारा मन बदल गया है,
मन को इतना मत समझाया करो,
हम थोड़े रूठे तो,
ऐसे आंखे मत चुराया करो,
अपनी कही बातों को ऐसे न झुठलाया करो,
झूठ बोलना ही है,तो आँखो में आँखे डाल बताया करो,

झूठ.jpgवैसे,
अगर 2-3 दिन बात न हो,
तुम्हे कोई फर्क नही पड़ता,
2-3 दिन क्या ,हम तो मिलते ही नहीं हैं,
लेकिन तुम सपनो में आ जाया करो,
मैं लिखूं तुम्हारे लिये,
और तुम गुनगुनाया करो।

सपनो में आया करो.jpg

5 thoughts on “सपनो में आया करो

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